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अपरिमेय संख्याएँ

अपरिमेय संख्याएँ अपरिमेय संख्याओं की परिभाषा ___________________ वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0, अपरिमेय संख्याएँ कहलाती हैं। इसका मतलब है कि अपरिमेय संख्याओं को भिन्नों के रूप में नहीं लिखा जा सकता है। अपरिमेय संख्याओं के उदाहरण ___________________ उदाहरण के लिए, √2, π (pi) और e (यूलर की संख्या) अपरिमेय संख्याएँ हैं। अपरिमेय संख्याओं की विशेषताएँ ___________________ अपरिमेय संख्याओं की कुछ सामान्य विशेषताएँ हैं: उनका दशमलव निरूपण अशांत और अनावर्ती होता है। इसका मतलब है कि दशमलव के बाद अंक कभी भी दोहराते नहीं हैं और न ही कभी समाप्त होते हैं। उन्हें कभी भी भिन्नों के रूप में नहीं लिखा जा सकता है। अपरिमेय संख्या की पहचान ___________________ यदि कोई संख्या इनमें से किसी भी विशेषता को प्रदर्शित करती है, तो वह अपरिमेय संख्या है।